QR कोड पेमेंट सुरक्षा
अपडेट: 2026-10-11
दोनों तरफ़ के लोग कुछ आदतें रखें तो UPI QR कोड सुरक्षित हैं। ज़्यादातर धोखे तीन चालों से होते हैं।
1. दुकान के कोड पर नकली स्टिकर
धोखेबाज़ दुकान के छपे कोड पर अपना QR कोड चिपका देता है, और ग्राहकों का पैसा उसके पास चला जाता है। दुकानदार: स्टैंड अपनी नज़र में रखें, हर सुबह देखें, और ग्राहक से कहें कि ऐप में दिखा नाम बोलकर बताएँ। लेमिनेट करें या साफ़ कवर में रखें ताकि ऊपर चिपका स्टिकर तुरंत दिखे। ग्राहक: PIN डालने से पहले देखें कि ऐप में दिखा नाम दुकान से मिलता है।
2. "पैसा पाने के लिए यह स्कैन करें"
पैसा पाने के लिए कभी कोड स्कैन नहीं करना होता, न UPI PIN डालना होता। जो आपको QR कोड भेजकर कहे कि इससे आपके खाते में पैसा आएगा (OLX पर सामान बेचने, रिफ़ंड या इनाम के नाम पर), वह असल में आपसे पैसा माँग रहा है। PIN डालने का मतलब हमेशा है कि पैसा आपके खाते से जाएगा।
3. पेमेंट की जगह वेबसाइट खोलने वाले कोड
कोई कोड नकली बैंक या "KYC अपडेट" वाला पेज खोल सकता है जो कार्ड नंबर, OTP या पासवर्ड माँगे। कैमरा वेब पता दिखाए तो टैप करने से पहले पढ़ें। असली पेमेंट कोड पाने वाले के नाम के साथ आपका UPI ऐप खोलता है, बैंक लॉगिन माँगने वाला फ़ॉर्म कभी नहीं।
अच्छी आदतें
- दुकानदार: पेमेंट की आवाज़ वाला अलर्ट चालू रखें (स्पीकर या ऐप का वॉइस अलर्ट) ताकि हर पेमेंट सुनाई दे, और सामान देने से पहले राशि देख लें।
- अपना UPI PIN या OTP किसी को न बताएँ, बैंक से होने का दावा करने वालों को भी नहीं।
- पैसा गलत व्यक्ति को चला जाए तो अपने UPI ऐप के हेल्प सेक्शन में शिकायत करें, नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें, या cybercrime.gov.in पर जल्द से जल्द शिकायत दर्ज करें।
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